Thursday, February 4, 2010

सायबरस्क्वैटिंग और टायपो स्क्वैटिंग

सायबरस्क्वैटिंग बुरी नीयत से किसी दूसरे की गुडविल या ट्रेडमार्क के नाम से डोमेन नेम बुक कराने, उससे ट्रेफिक लेने या प्रयोग करने को कहते हैं। डोमेन नेम सिर्फ इन्टरनेट का पता भर नहीं है बल्कि के ट्रेडमार्क या गुडविल का प्रतिनिधित्व भी करता है।

कैसे करते हैं सायबरस्क्वैटर काम
सायबरस्क्वैटर किसी संस्था, व्यक्ति, घटना, समाचार, टेलीविजन प्रोग्राम, फिल्म का नाम, कार के नाम, सेलेब्रिटी का नाम, पुस्तक का नाम वगैरह से डोमेन बुक करा लेते हैं. इन डोमेन आये ट्रेफिक को ये सायबर स्क्वैटर अपने हितों के लिये प्रयोग करते हैं. सायबरस्क्वैटर डोमेन बुक करने के बाद इसे नीलामी पर चढ़ा देते है। सामान्यतया ट्रेडमार्क या गुडविल के धारक सायबरस्क्वैटर से कानूनी लड़ाई से बचते हुये डोमेन नेम खरीद लेते हैं. नीलामी में सबसे अधिक रुचि उक्त डोमेन के ट्रेडमार्क धारक या गुडविल धारक या इनके विरोध में हित रखने वालों की होती है।

क्या सायबरस्कैटिंग का मामला सिर्फ रजिस्ट्रर्ड ट्रेडमार्क के लिये ही किया जा सकता है?
नहीं, यह किसी व्यक्ति संस्था या समूह की साख (Goodwill) के हितों को सुरक्षित रखने के लिये भी किया जा सकता है।
अरुण जेतली भारतीय जनता पार्टी के एक नेता एवं वकील हैं. इनके नाम से डोमेन www.arunjaitley.com अमेरिका की कम्पनी नेटवर्क सोल्यूसन्स के पास था. इस डोमेन नेम को US$14,445 में नीलामी के लिये नेटवर्क सोल्यूसन्स ने पोर्टफोलियो ब्रेन्स को हस्तांतरित कर दिया।

इस नीलामी के खिलाफ अरुण जेतली अदालत में गये और अदालत ने इसे सायबरस्क्वैटिंग का मामला मानते हुये अरुण जेतली के पक्ष में फैसला दे दिया।

http://richdadpoordad.com प्रसिद्द पुस्तक Rich Dad Poor Dad के नाम से बुक किया गया था जिसे बाद में इस पुस्तक की कापीराइट धारक कम्पनी ने प्राप्त कर लिया।

उदाहरण के लिये निम्न डोमेन इन डोमेन के वास्तविक धारकों के पास नहीं हैं।
http://indianidol.com/
http://sunnydeol.com/
http://karishmakapoor.com/
http://i20car.com
http://manojbajpai.com
http://abbastyrewala.com/
http://salmankhan.com


कुछ अन्य उदाहरण

http://tanishq.com
यह नाम टाटा के ज्वैलरी ब्रांड का है लेकिन इसे अन्य ने बुक करा लिया. पिछले बारह साल से भी अधिक समय से टाटा इस पर अधिकार के लिये लड़ रहा है। इस डोमेन नेम पर अधिकार रखने वाले द्वारा इसे शरीर से प्यार रखने वाली बेबसाईट के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। दिल्ली हाईकोर्ट भी Titan Industries Ltd के पक्ष में फैसला सुना चुकी है लेकिन इस पर अभी तक Titan Industries Ltd का अधिकार नहीं हो सका है।

oktatabyebye.com
इस डोमेन नेम पर गुड़गांव की कम्पनी MakeMyTrip का अधिकार है. OK TATA Bye Bye बोल चाल में उपयोग आने वाले सामान्य शब्द हैं। टाटासन्स ने इस पर वाद प्रस्तुत किया कि इस नाम मे प्रयोग होने वाला नाम tata उसका ट्रेडमार्क है। फिलहाल World Intellectual Property Organization (WIPO) ने टाटासन्स के पक्ष में फैसला दे दिया है।

टायपो स्क्वैटिंग क्या है?
टायपो स्क्वैटिंग भी सायबरस्क्वैटिंग का एक रूप है। जब कोई अन्य व्यक्ति किसी डोमेन नेम के स्पेलिंग या टायपो गलती की संभावना वाले डोमेन नेम को अन्य द्वारा बुक करा लेता है।

जब प्रतिद्वन्दी कम्पनिया सायबरस्क्वैटिंग के जरिये दूसरी कम्पनी के कस्टमर हड़पने की कोशिश करतीं है तो यह सायबर स्क्वैटिंग का सबसे बुरा रूप लगता है।

इसका ताजा उदाहरण है goair एयरलाइन द्वारा Indigo एयरलाइन के ग्राहक हड़पने की कोशिश करना।
Indogo Airline की वेबसाईट का नाम है http://goindigo.in टायपो गलती से इसे go-indigo.in भी लिख लिया जाता है। आप http://goindigo.in टायप करेंगे तो Indigo Airline की अधिकृत वेबसाईट पर पहुंचेंगे लेकिन यदि आपने गलती से http://go-indigo.in टायप कर लिया तो Indigo Airline की जगह इसकी प्रतिद्वन्दी एयरलाइन goair पर जा पहुंचेंगे।

एक अन्य रोचक केस
Microsoft बनाम MikeRoweSoft

3 comments:

PD said...

ओह.. पढ़ा तो खूब गया इस पोस्ट को, मगर एक भी कमेन्ट नहीं है.. विस्मयकारी नहीं लगा मुझे..

डा. अमर कुमार said...


इस पोस्ट की गहनता सराहनीय है ।
पर, मैं इसकी सामयिकता को जिस सँदर्भ में देख पा रहा हूँ, वह सँदिग्ध है !
चिट्ठाचर्चा ब्लॉगस्पॉट की एक अव्यवसायिक साइट है, जिससे किसी का भी कोई व्यवसायिक हित नहीं सधता, ऎसे में तथाकथित स्क्वैटर को किस आधार पर चुनौती दी जा सकती है ? यह हम ब्लॉगाप्रेमियों के लिये एक ब्रॉन्ड हो सकता है, पर ऎसे किसी स्क्वैटिंग से होने वाली सँभावित हानि को न्यायविद किस बिना पर रेखाँकित कर पायेंगे, यह विचार करने की बात है !


आम तौर पर मैं मॉडरेशन तले टिप्पणियाँ नहीं कर पाता, पर इस पोस्ट की तथ्यात्मकता प्रभावित करती है ।

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

जानकारियों से समृद्ध हुआ।