Saturday, October 10, 2009

एनजीओ के जरिए विदेशी पैसा पा रहे हैं नक्सली

पश्चिम बंगाल पुलिस के एक शीर्ष अधिकारी ने शुक्रवार को कहा है कि कुछ गैर सरकारी संगठनों के जरिए नक्सलियों के पास विदेशों से आर्थिक मदद पहुंच रही है।

राज्य के पुलिस महानिदेशक भूपिंदर सिंह ने मीडियाकर्मियों को बताया कि कुछ गैर सरकारी संगठनों द्वारा जनजातियों के कल्याण के नाम पर लिए जा रहे विदेशी धन का कुछ हिस्सा नक्सलियों के पास पहुंच रहा है।

भूपिंदर सिंह ने कहा है कि भूमि उच्छेद प्रतिरोध समिति (बीयूपीसी) के साथ नक्सलियों के संबंध हैं। तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस जैसी कुछ पार्टियां बीयूपीसी का हिस्सा हैं।

नंदीग्राम में तृणमूल कांग्रेस के नेता और सोनाचुरा ग्राम पंचायत प्रमुख निशिकांत मंडल की हाल में हुई हत्या के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा कि यह अपवित्र गठजोड़ के पतन का एक परिणाम था।

3 comments:

रंजना said...

Sahi kaha aapne....

Suresh Chiplunkar said...

पुलिस ने तो अब इसे सार्वजनिक किया है, कई लोग यह बात पहले से ही जानते हैं… NGO के रूप में कई संगठन देशद्रोही कामों में लिप्त हैं और यही NGO पुरस्कार वगैरह देकर बुद्धिजीवियों को नक्सलवाद का समर्थन करने के लिए पटा लेते हैं… यह सब एक संगठित गैंग के रूप में काम करते हैं…

ashoke mehta said...

बिलकुल सही कहा है चिपलूनकर जी ने , एक जमाने में जिस प्रकार बिहार में फर्जी सहकारी समितियों की बाढ़ सी आई हुई थी ,उसी प्रकार फर्जी एन जी ओ की बाढ़ सी आई हुई है ! इनमें से कुछ तो बहुत अच्छा काम कर रही हैं लेकिन बहुत सी फर्जी एन जी ओ बहुत से गढ़बड़ वाले काम कर रही हैं ! ऐसे एन जी ओ की भी कार्यकलापों की जांच आवश्यक है!